हरिद्वार (रिपोर्टर: गौरव व्यास): हरिद्वार के औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल से सटे रावली महदूद में तेज बारिश के बाद एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। नाले में आए तेज पानी के बहाव की चपेट में आने से दो बच्चियां बह गईं। स्थानीय निवासियों की तत्परता से एक बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दूसरी बच्ची तेज बहाव में बह गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
खेलते-खेलते नाले में गिरीं बच्चियां
मिली जानकारी के अनुसार, सिडकुल के रावली महदूद (कृपाल स्कूल के समीप) क्षेत्र में अचानक हुई मूसलाधार बारिश के चलते नाले में पानी का स्तर और बहाव काफी बढ़ गया था। इसी दौरान 6 वर्षीय विधिका (पुत्री गौतम कुमार, मूल निवासी बिजनौर) अपनी 7 वर्षीय सहेली हिमानी के साथ घर के पास खेल रही थी। खेलते-खेलते दोनों बच्चियां अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरीं और पानी के तेज बहाव के साथ बहने लगीं।
बच्चियों को बहता देख आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत शोर मचाया और बिना देर किए रेस्क्यू शुरू किया। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए 7 वर्षीय हिमानी को तो नाले से सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन 6 वर्षीय विधिका पानी के तेज करंट में बहकर ओझल हो गई।
देर रात तक SDRF और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की खबर मिलते ही सिडकुल थाना पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। पुलिस व एसडीआरएफ के जवानों ने देर रात तक नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में उतरकर बच्ची की तलाश की। नाले के किनारों और जलभराव वाले स्थानों को खंगालने के लिए जेसीबी मशीनों की भी मदद ली गई।
बच्ची की तलाश के दौरान परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बच्ची के डूबने की दुखद सूचना और अनहोनी की आशंका से परिवार में चीख-पुकार मची हुई है तथा परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जलभराव और जलनिकासी व्यवस्था पर आक्रोश
इस दुखद घटना के बाद स्थानीय निवासियों और ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि:
सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र की ओर से आने वाले पानी की निकासी का सही प्रबंध न होने के कारण हल्की सी बारिश में भी रावली महदूद क्षेत्र में नाले उफान पर आ जाते हैं और भीषण जलभराव हो जाता है।
इस गंभीर समस्या और खुले नालों को बंद कराने को लेकर वे कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला, कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभागों की इसी अनदेखी की वजह से आज एक मासूम बच्ची हादसे का शिकार हुई है। भारी बारिश के बीच खुले नालों और बदहाल जलनिकासी व्यवस्था ने एक बार फिर सुरक्षा इंतजामों की पोल
खोल दी है।







