हरिद्वार: CDO डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में NRLM की समीक्षा बैठक। LOKOS अपडेशन, RSETI प्रशिक्षण, वित्तीय पारदर्शिता व 'लखपति दीदी' योजना को समयबद्ध पूरा करने के सख्त निर्देश। ✍️ संवाददाता: गौरव व्यास (उत्तर भारती न्यूज़) #Haridwar #NRLM #UttarBharatiNews #Uttarakhand
संवाददाता: गौरव व्यास
‘उत्तर भारती न्यूज़’ (Uttar Bharati News)

✍️ संवाददाता: गौरव व्यास (उत्तर भारती न्यूज़)
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की उच्चस्तरीय समीक्षा: हरिद्वार में लखपति दीदी योजना और महिला सशक्तिकरण को गति देने के लिए व्यापक रणनीति तैयार
हरिद्वार। विकास भवन सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) तथा उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (USRLM) की प्रगति की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) डॉ. ललित नारायण मिश्र एवं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (USRLM) की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जनपद के ग्रामीण विकास मॉडल को और अधिक प्रभावी बनाने, वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को स्थायी आजीविका से जोड़ने के लिए कई ठोस निर्णय लिए गए।
वित्तीय पारदर्शिता और डिजिटल ट्रैकिंग पर कड़ा रुख
बैठक की शुरुआत में NRLM के बुनियादी ढांचागत घटकों की प्रगति का विस्तृत ब्योरा लिया गया। सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि:
लॉजिस्टिक्स और डेटा अपडेशन: सभी स्वयं सहायता समूहों (SHG) के सदस्यों का KYC सत्यापन, उनके बैंक खातों का LOKOS (Local Operations and Knowledge Operating System) पोर्टल पर समयबद्ध अपडेशन तुरंत पूरा किया जाए।
प्रोफाइलिंग एवं खाता खोलना: जिन SHG के अभी तक बैंक खाते नहीं खुले हैं या जिनकी प्रोफाइल अपूर्ण है, उन्हें अभियान चलाकर पूरा किया जाए।
ऑडिट और ट्रांजैक्शन: स्वयं सहायता समूहों (SHG), ग्राम संगठन (VO) और संकुल स्तरीय संघों (CLF) के वित्तीय लेन-देन और लंबित ऑडिट कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।
ई-बुककीपर (eBookkeeper) प्रणाली: ग्राम पंचायत स्तर पर ई-बुककीपर के माध्यम से सभी वित्तीय लेखा-जोखा डिजिटल रूप से अपडेट कराने के निर्देश दिए गए। इससे समूहों के कामकाज में पारदर्शिता आएगी और वास्तविक समय में वित्तीय स्थिति का आकलन संभव हो सकेगा।
कैडर और संगठनात्मक संरचना का विस्तार
ग्रामीण नेटवर्क को मजबूती देने के लिए ब्लॉक स्तर पर नई भर्तियों और क्षमता निर्माण पर विशेष जोर दिया गया:
भर्ती प्रक्रिया: ब्लॉक स्तर पर IPRP (इंडिपेंडेंट पैरा प्रोफेशनल), CLF मैनेजर और अकाउंटेंट के पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए गए।
विशेष कैडर ऑनबोर्डिंग: शेलपन कैडर (Shellpan Cadre) की ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ-साथ एफपीओ (FPO – किसान उत्पादक संगठन) और आईएफसी (IFC) के कार्यों को गति देने को कहा गया।
GPDP और महिला-केंद्रित आजीविका योजनाएँ
ग्रामीण विकास में महिलाओं की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए VPRP (विलेज पॉवर्टी रिडक्शन प्लान) के तहत सभी इकाइयों का Entitlement Plan (अधिकार योजना) और Livelihood Plan (आजीविका योजना) तैयार करने के निर्देश जारी किए गए।
इन योजनाओं को ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) में सोशल डेवलपमेंट प्लान के साथ अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा, ताकि पंचायत स्तर पर बनने वाली योजनाओं में महिलाओं की आजीविका और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता मिल सके।
स्वरोजगार और कौशल विकास (RSETI समन्वय)
महिलाओं को उद्यमी बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा की गई:
प्रशिक्षण की गुणवत्ता: RSETI (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) के माध्यम से दिए जाने वाले सभी कौशल विकास प्रशिक्षणों को समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए।
विशेष कैडर ट्रेनिंग: बीमा सखी, FLCRP (वित्तीय साक्षरता संसाधन व्यक्ति) और BC सखी (बैंकिंग करॉस्पॉन्डेंट) के प्रशिक्षण को RSETI के साथ बेहतर समन्वय बनाकर पूरा कराया जाएगा।
माइक्रो-एंटरप्राइजेज एवं इंटरलोनिंग: समूहों के भीतर ‘इंटरलोनिंग’ (आंतरिक ऋण लेन-देन) को बढ़ावा देकर छोटे उद्यमों (Small Enterprises) की स्थापना को गति दी जाएगी।
‘लखपति दीदी’ योजना पर विशेष फोकस
सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले की अधिक से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ (वार्षिक आय ₹1 लाख या उससे अधिक) बनाने का लक्ष्य प्राथमिकता पर रखा जाए।
इसके लिए लाइन डिपार्टमेंट्स (संबंधित विभागों), ग्रामोत्थान योजना और अन्य सरकारी विभागों के साथ अंतर-विभागीय समन्वय स्थापित कर महिलाओं को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय लाभों से जोड़ा जाएगा, जिससे हरिद्वार जनपद अन्य जनपदों के लिए एक रोल मॉडल बन सके।
बैठक में मुख्य उपस्थिति
समीक्षा बैठक में जनपद के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे:
जिला विकास अधिकारी (DDO), हरिद्वार
दिवाकर पुरोहित (स्टेट मिशन मैनेजर)
विनकेश जी एवं चरणजीत जी (स्टेट प्रोग्राम मैनेजर – SPM)
दुर्गा गैरोला जी (UPSRLM)
समस्त 6 ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारी (BDOs)
सूरज कुमार (जिला थीमेटिक एक्सपर्ट) एवं दानेश (MIS एक्सपर्ट)
NRLM और ग्रामोत्थान परियोजना की पूरी जिला टीम
समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश
बैठक के समापन पर अध्यक्ष द्वारा स्पष्ट किया गया कि सभी संबंधित अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर इन बिंदुओं पर कार्यवाही करें और तय समय-सीमा में अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस बैठक से हरिद्वार जिले में ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और आजीविका संवर्धन के प्रयासों को नई दिशा मिलने की पूरी उम्मीद है।







