कोतवाली गंगनहर क्षेत्र में अवैध हुक्का बार का पर्दाफाश: बिना सत्यापन चल रहे प्रतिष्ठान पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 10 हजार रुपये का कटा चालान
संवाददाता: गौरव व्यास (उत्तर भारतीय न्यूज)
रूड़की/हरिद्वार। हरिद्वार जिले में शांति-व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक/संदिग्ध गतिविधियों पर पूरी तरह से नकेल कसने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह के सख्त निर्देशों पर व्यापक पुलिस सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में कोतवाली गंगनहर पुलिस की टीम ने क्षेत्र में स्थित होटल, ढाबों, कैफे और रेस्टोरेंटों में औचक छापेमारी और जांच अभियान शुरू किया। पुलिस का मुख्य मकसद शहर में बिना वैध दस्तावेज और बिना सत्यापन के चल रहे संस्थानों पर नकेल कसना है।
अभियान के दौरान जब कोतवाली गंगनहर पुलिस टीम क्षेत्र में संचालित एक हुक्का बार पर पहुंची और वहां के कागजात खंगाले, तो भारी अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि संचालक द्वारा बिना किसी वैध लाइसेंस के अवैध रूप से हुक्का बार का संचालन किया जा रहा था। इतना ही नहीं, प्रतिष्ठान की शान बढ़ाने के लिए आकर्षक और डिजायनर हुक्के सजाए गए थे, जिससे क्षेत्र के युवाओं को आकर्षित किया जा सके। पुलिस ने जब मौके पर रिकॉर्ड चेक किए तो संचालक की बड़ी लापरवाही उजागर हुई।
पुलिस की पड़ताल में यह भी सामने आया कि हुक्का बार संचालक ने वहां कार्यरत किसी भी कर्मचारी का पुलिस सत्यापन कराने तक की जहमत नहीं उठाई थी। बिना सत्यापन के बाहरी और संदिग्ध लोगों को काम पर रखना सुरक्षा के लिहाज से एक बेहद गंभीर विषय है। पुलिस टीम ने तुरंत कानूनी शिकंजा कसते हुए उत्तराखंड पुलिस अधिनियम के तहत आरोपी संचालक फहीम कुरेशी (पुत्र तस्लीम कुरैशी, निवासी रामपुर चुंगी) का ₹10,000/- का नगद चालान काटा और भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी दी।
कार्रवाई के दौरान कोतवाली गंगनहर पुलिस ने क्षेत्र के सभी होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों को सख्त संदेश जारी किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बिना वैध लाइसेंस के किसी भी प्रकार का बार या अवैध गतिविधि संचालित नहीं होने दी जाएगी। सभी प्रतिष्ठानों को अपने परिसर में चालू स्थिति वाले उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा उपकरण लगाने, एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर निगरानी रखने तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की तुरंत पुलिस को सूचना देने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।








