सड़क सुरक्षा, सीवर और अतिक्रमण पर एक्शन मोड में प्रशासन: हरिद्वार की सूरत बदलने के लिए डीएम मयूर दीक्षित का कड़ा रुख
(संवाददाता गौरव व्यास, उत्तर भारती न्यूज)
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार को अधिक सुव्यवस्थित, सुंदर और नागरिक-अनुकूल बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में डाम कोठी में आयोजित समीक्षा बैठक में जनसुविधाओं से जुड़े बुनियादी ढांचों की स्थिति में व्यापक सुधार लाने के लिए कड़े दिशानिर्देश दिए गए। बैठक का मुख्य फोकस सड़कों की स्थिति सुधारने, यातायात प्रबंधन को दुरुस्त करने और शहर में अनियंत्रित ढंग से लटकते बिजली व केबल के तारों को हटाने पर रहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता को सुरक्षित, सुगम और बाधारहित आवागमन की सुविधा प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सड़कों की खस्ताहाली पर कड़ा संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) को निर्देश दिए कि जनपद के सभी मुख्य मार्गों और संपर्क मार्गों को अभियान चलाकर अविलंब गड्ढामुक्त किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से जोर देकर कहा कि विभिन्न विकास कार्यों—जैसे सीवरेज नेटवर्क, पेयजल लाइन बिछाने और गैस पाइपलाइन कार्यों—के लिए खोदी गई सड़कों को जल्द से जल्द पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि मरम्मत कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के मानकों का पालन करते हुए कार्य पूर्ण कराया जाए।
शहर में लगातार बढ़ती यातायात की समस्या और अवैध कब्जे पर शिकंजा कसते हुए डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट को नगर निगम और पुलिस विभाग के साथ मिलकर एक साझा अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने का आदेश दिया है। उन्होंने दोटूक कहा कि शहर के फुटपाथ और मार्ग पैदल यात्रियों व नागरिकों के निर्बाध आवागमन के लिए हैं, इसलिए दुकानदारों या ठेली-रेहड़ी वालों द्वारा किया गया कोई भी अवैध कब्जा तत्काल हटाया जाए। इसके साथ ही, विद्युत विभाग और केबल ऑपरेटरों को आदेश दिया गया है कि सड़कों पर लटक रहे और दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे अव्यवस्थित तारों को तुरंत हटाया जाए। विद्युत विभाग को ट्रांसफार्मरों के आसपास जमी झाड़ियों की सफाई करने तथा चौराहों पर चल रहीं रेहड़ी-ठेलियों को दिए गए किसी भी प्रकार के अवैध विद्युत कनेक्शन को काटने के भी कड़े निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय और संवाद के साथ काम करने की ताकीद की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़ी इन सभी व्यवस्थाओं की नियमित रूप से मॉनिटरिंग और उच्चस्तरीय समीक्षा की जाएगी। यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी स्तर पर कार्य में शिथिलता या लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय करते हुए दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी, नमामि गंगे की परियोजना प्रबंधक मीनाक्षी मित्तल, लोनिवि के अधिशासी अभियंता योगेश मेहरा, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विपिन चौहान सहित कई प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।







