हरिद्वार (उत्तराखंड) | देश की आगामी जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) के सफल संचालन के लिए हरिद्वार में 12 से 14 अक्टूबर 2026 तक तीन दिवसीय फील्ड ट्रेनर्स प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। यह जनगणना देश के इतिहास में पहली बार 100% डिजिटल माध्यम से आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रगणक और पर्यवेक्षक मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए आंकड़ों का संकलन करेंगे। संपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी CMMS पोर्टल के जरिए होगी, जिसे जनगणना का 'मस्तिष्क' कहा जा रहा है। नवंबर 2026 से शुरू होने वाले इस चरण से आंकड़ों में उच्च सटीकता, पारदर्शिता और गति मिलेगी। 📸 संवाददाता: गौरव व्यास | उत्तर भारतीय न्यूज
उत्तर भारतीय न्यूज
संवाददाता: गौरव व्यास
स्थान: हरिद्वार (उत्तराखंड)
दिनांक: 13 अक्टूबर 2026
डिजिटल क्रांति के साथ होगी आगामी जनगणना, हरिद्वार में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन
हरिद्वार। देश की आगामी जनगणना-2027 के द्वितीय चरण यानी ‘जनसंख्या गणना’ को पारदर्शी और सुचारू रूप से संचालित करने के लिए हरिद्वार जनपद में व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में 12, 13 एवं 14 अक्टूबर 2026 तक तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद के सभी फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया गया। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के जनगणना कार्य निदेशालय (उत्तराखंड, देहरादून) के प्रतिनिधियों और मास्टर ट्रेनर्स ने इस सत्र का संचालन किया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद यह फील्ड ट्रेनर्स अब चार्जों में नियुक्त होने वाले प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों (Supervisors) को मास्टर ट्रेनिंग प्रदान करेंगे।
इतिहास में पहली बार 100% डिजिटल माध्यम से आंकड़े होंगे संकलित
यह जनगणना भारत के इतिहास में अत्यंत विशेष और ऐतिहासिक सिद्ध होने जा रही है, क्योंकि पहली बार संपूर्ण प्रक्रिया को शत-प्रतिशत डिजिटल तकनीक पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इस बार कागजी प्रपत्रों के स्थान पर मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग किया जाएगा। प्रगणक और पर्यवेक्षक अपने स्वयं के स्मार्टफोन के जरिए धरातल पर जाकर रियल-टाइम आंकड़े संकलित और सत्यापित करेंगे। इस तकनीकी नवाचार से डेटा की सटीकता, विश्वसनीयता और गति में ऐतिहासिक सुधार देखने को मिलेगा।
CMMS पोर्टल बना जनगणना का ‘मस्तिष्क’, रियल-टाइम होगी निगरानी
जनगणना प्रक्रिया के सुचारू संचालन, प्रभावी प्रबंधन और पर्यवेक्षण के लिए ‘जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली’ यानी CMMS (Census Management & Monitoring System) पोर्टल को लागू किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इस पोर्टल को पूरी जनगणना प्रक्रिया का ‘मस्तिष्क’ (Brain) करार दिया गया है। शुरुआत से लेकर अंतिम आंकड़ों के प्रकाशन तक, हर चरण की डिजिटल ट्रैकिंग इसी पोर्टल के माध्यम से की जाएगी, जिससे फर्जीवाड़ा और त्रुटियों की गुंजाइश समाप्त हो जाएगी।
नवंबर 2026 से धरातल पर शुरू होगा द्वितीय चरण का कार्य
योजना के अनुसार, जनगणना-2027 के द्वितीय चरण का मैदानी कार्य नवंबर 2026 से प्रारंभ होना प्रस्तावित है। जमीनी स्तर पर इसकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए चार्ज अधिकारियों और फील्ड कर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहेगी। डिजिटल व्यवस्था लागू होने से पूर्ववर्ती पारंपरिक जनगणनाओं की तुलना में न केवल डेटा संकलन त्वरित गति से होगा, बल्कि पूरी प्रणाली में अभूतपूर्व पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों एवं सांख्यिकी विशेषज्ञों की उपस्थिति
हरिद्वार जिला मुख्यालय पर आयोजित इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर में शासन और प्रशासन के प्रमुख अधिकारियों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम में मौ० मुस्तफा खान (जिला पंचायतीराज अधिकारी एवं मास्टर ट्रेनर), उत्तम सिंह (अपर सांख्यिकी अधिकारी एवं जनगणना प्रभारी) तथा मीना नेगी (अपर सांख्यिकी अधिकारी) मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा जनगणना कार्य निदेशालय, देहरादून के सांख्यिकी अन्वेषक (ग्रेड-II) अमीर आलम, नीरज कुमार और शिवम कुमार सहित कई अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में अपना अमूल्य योगदान दिया।

यह जनगणना देश के इतिहास में पहली बार 100% डिजिटल माध्यम से आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रगणक और पर्यवेक्षक मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए आंकड़ों का संकलन करेंगे। संपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी CMMS पोर्टल के जरिए होगी, जिसे जनगणना का ‘मस्तिष्क’ कहा जा रहा है। नवंबर 2026 से शुरू होने वाले इस चरण से आंकड़ों में उच्च सटीकता, पारदर्शिता और गति मिलेगी।
📸 संवाददाता: गौरव व्यास | उत्तर भारतीय न्यूज








