उत्तर भारतीय न्यूज
संवाददाता: गौरव व्यास
स्थान: हरिद्वार
दिनांक: 15 अक्टूबर 2026
हरिद्वार में शिक्षा सुधार को लेकर एक्शन में प्रशासन: डीएम मयूर दीक्षित ने प्राथमिक विद्यालय का किया औचक निरीक्षण, जर्जर भवन की जगह बनेगा नया मॉडल स्कूल
हरिद्वार।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल निर्देशों के तहत जनपद हरिद्वार में बुनियादी शिक्षा ढाँचे को मजबूत बनाने और सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित निरंतर क्षेत्र में उतरकर प्राथमिक शिक्षा की स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा ले रहे हैं। गुरुवार को जिलाधिकारी ने हरिद्वार नगर क्षेत्र स्थित अपर रोड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में अचानक पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। उन्होंने न केवल स्कूल की प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं का सूक्ष्मता से मुआयना किया, बल्कि कक्षाओं में जाकर सीधे विद्यार्थियों से बातचीत कर उनके ज्ञान के स्तर को भी परखा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित खुद कक्षाओं में गए और मेज-कुर्सियों पर बैठे छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने बच्चों की बौद्धिक क्षमता को जांचने के लिए उनके पाठ्यक्रम से जुड़े कई सवाल पूछे। इतना ही नहीं, जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से गणित के कुछ व्यावहारिक और कठिन सवाल भी हल करवाए। बच्चों ने बिना किसी झिझक के आत्मविश्वास के साथ गणित के सभी सवालों के सटीक उत्तर दिए। विद्यार्थियों के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन, हाजिरजवाबी और पढ़ाई के प्रति गहरी रुचि को देखकर जिलाधिकारी बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने मौके पर ही बच्चों की पीठ थपथपाते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद शिक्षिकाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें व्यावहारिक और जीवनोपयोगी शिक्षा भी दी जाए ताकि वे पढ़े गए सिद्धांतों का उपयोग दैनिक जीवन में समझदारी से कर सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, चित्रकला और अन्य रचनात्मक गतिविधियों को भी स्कूली जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए। इससे बच्चों में मानसिक विकास के साथ-साथ तार्किक सोच का भी विस्तार होता है।
स्कूल परिसर और बुनियादी सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने विद्यालय के पुराने और जर्जर हो चुके भवन की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक माहौल को ध्यान में रखते हुए उन्होंने मौके पर मौजूद मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद को सख्त निर्देश दिए कि पुराने जर्जर भवन के स्थान पर एक आधुनिक व सर्वसुविधायुक्त नया विद्यालय भवन बनाने हेतु तुरंत विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए विद्यालय परिसर में एक सर्वसुविधायुक्त खेल के मैदान की नितांत आवश्यकता पर बल दिया, जिससे बच्चों में अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास जैसी जीवन मूल्यों का विकास हो सके।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने दोहराया कि जनपद हरिद्वार के सभी सरकारी विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाना और छात्र-छात्राओं को एक सुरक्षित व बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इसके लिए बुनियादी सुविधाओं के जीर्णोद्धार और पठन-पाठन की आधुनिक तकनीकों के समन्वय की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती सपना रानी, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह समेत विद्यालय का समस्त शिक्षण स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।








