संवाददाता, गौरव व्यास (उत्तर भारती न्यूज़)
यहाँ गंगनहर कोतवाली (रुड़की) के दो दरोगाओं पर रिश्वतखोरी के मामले में दर्ज मुकदमे पर आधारित एक विस्तृत और पेशेवर समाचार रिपोर्ट दी गई है, जिसे संवाददाता गौरव व्यास, उत्तर भारती न्यूज़ के प्रारूप में तैयार किया गया है:
रुड़की: मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत मांगने वाले दो दरोगाओं पर भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज, एसएसपी नवनीत सिंह की सख्त कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप
रुड़की (उत्तराखंड):
धर्मनगरी हरिद्वार में खाकी को दागदार करने वाले दो उपनिरीक्षकों (दरोगाओं) के खिलाफ आखिरकार कानून का शिकंजा कस गया है। रुड़की की गंगनहर कोतवाली में तैनात दो दरोगाओं पर एक मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाने के एवज में साढ़े तीन लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप साबित हुआ है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत दोनों आरोपी दरोगाओं के खिलाफ गंगनहर कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया है। इस बड़ी कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रुड़की गंगनहर कोतवाली क्षेत्र से जुड़े एक आपराधिक मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाने के लिए दरोगाओं द्वारा मोटी रकम की मांग किए जाने की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुँची थी। मामले की गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह ने इस पूरे प्रकरण की जाँच एसपी देहात के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय टीम को सौंपी थी। एसपी देहात द्वारा की गई गहन विभागीय जाँच के दौरान दरोगाओं के खिलाफ लगाए गए रिश्वत मांगने के सभी आरोप प्रथम दृष्टया और साक्ष्यों के आधार पर पूरी तरह सही पाए गए। जाँच रिपोर्ट में पुष्टि होने के बाद उच्च अधिकारियों ने इस कृत्य को पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने वाला गंभीर अपराध माना।
जाँच रिपोर्ट में भ्रष्टाचार के आरोपों की पुष्टि होने के तुरंत बाद एसएसपी हरिद्वार के सख्त निर्देशों पर गंगनहर कोतवाली में आरोपी दरोगा मनदीप सिंह और बलवंत पंवार के खिलाफ मुक़दमा अपराध संख्या-421/2026, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज कर लिया गया है। पुलिस विभाग के भीतर ही इस प्रकार की अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अब तक की एक बड़ी और कड़क कार्रवाई मानी जा रही है। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि वर्दी की आड़ में आम जनता का शोषण करने वाले किसी भी भ्रष्ट कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह महकमे का कोई जिम्मेदार अधिकारी ही क्यों न हो।
हरिद्वार पुलिस लगातार यह संदेश देने का प्रयास कर रही है कि कानून से ऊपर न तो कोई वर्दी है और न ही कोई वर्दी वाला। पुलिस प्रशासन का यह स्पष्ट रुख है कि महकमे के भीतर पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता पर हैं। आम नागरिकों को न्याय दिलाने के नाम पर भ्रष्टाचार करने वालों के लिए पुलिस विभाग में कोई जगह नहीं है। इस तरह की सख्त कार्रवाई से जहाँ एक ओर जनता का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होता है, वहीं दूसरी ओर महकमे के अन्य कार्मिकों को भी अपनी कार्यशैली में पूरी तरह से ईमानदार और पारदर्शी रहने की कड़ी चेतावनी मिली है।
फिलहाल, इस सनसनीखेज मामले के बाद गंगनहर कोतवाली सहित पूरे जिले के पुलिस तंत्र में खलबली मची हुई है। मुकदमे दर्ज होने के बाद अब दोनों आरोपी दरोगाओं के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के इस मामले में किसी भी स्तर पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर अदालत में मजबूत पैरवी कर दोषियों को उनके अंजाम तक पहुँचाया जाएगा।








