नियमों की अनदेखी पर हरिद्वार में परिवहन विभाग का कड़ा प्रहार: 5 लक्जरी बसों की फिटनेस निरस्त, 164 वाहनों पर चालानी कार्रवाई।
हरिद्वार में नियमों को ठेंगा दिखा रहीं स्लीपर और लक्जरी बसों पर परिवहन विभाग का शिकंजा: 164 वाहनों के चालान, 5 बसों की फिटनेस निरस्त

रुड़की (संवाददाता गौरव व्यास)।
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में सड़कों पर दौड़ रही लक्जरी और स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा से हो रहे खिलवाड़ को रोकने के लिए परिवहन विभाग ने व्यापक स्तर पर मुहिम छेड़ दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के सख्त निर्देशों के बाद सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) श्रीमती नेहा झा की अगुवाई में मंगलवार को जिले भर में एक विशाल चेकिंग अभियान चलाया गया। इस कड़ी कार्रवाई से अनधिकृत और नियम-विरुद्ध बस संचालन करने वाले भू-माफिया व बस ऑपरेटरों में हड़कंप मच गया है।
तकनीकी जांच में खुली पोल, 5 बसों के फिटनेस लाइसेंस रद्द
अभियान के दौरान जनपद के सभी प्रमुख मार्गों और संवेदनशील चौराहों पर नाकेबंदी कर लक्जरी, स्लीपर और अन्य अंतरराज्यीय यात्री बसों को रोककर उनकी सघन जांच की गई। संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) आनंद वर्धन ने बसों के तकनीकी ढांचे और फिटनेस मानकों का बारीक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पांच बसें ऐसी पाई गईं जो सुरक्षा और तकनीकी मानकों पर पूरी तरह फेल साबित हुईं। यात्रियों की जान जोखिम में डालकर चलाई जा रही इन सभी 5 बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए।
नियमों की धज्जियां उड़ाते मिले बस चालक, 22 बसों पर गिरी गाज
विभाग की टीमों ने बसों के परमिट, रोड टैक्स, चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, स्वीकृत वाहन संरचना और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का मिलान किया। जांच में कुल 22 लक्जरी व स्लीपर बसें गंभीर अनियमितताओं में लिप्त पाई गईं, जिनके खिलाफ चालान की सख्त कार्रवाई की गई।
पाई गई मुख्य खामियां: बसों की मूल संरचना में अनधिकृत बदलाव (अवैध स्लीपर केबिन), परमिट की शर्तों का उल्लंघन, बिना यात्री सूची (पैसेंजर लिस्ट) के संचालन, अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) और फर्स्ट-एड बॉक्स का न होना, प्रेशर हॉर्न का प्रयोग, रिफ्लेक्टर गायब होना तथा चालक-परिचालक का बिना निर्धारित वर्दी के पाया जाना।
164 वाहनों के चालान, 7 गाड़ियां सीज
स्लीपर बसों के अलावा परिवहन विभाग की विभिन्न प्रवर्तन टीमों ने दिनभर अन्य व्यावसायिक व निजी श्रेणियों के वाहनों की भी जांच की। पूरे दिन चले इस अभियान में कुल 164 वाहनों के चालान काटे गए, जबकि यातायात नियमों के अत्यधिक गंभीर उल्लंघनों के मामले में 7 वाहनों को मौके पर ही सीज कर पुलिस अभिरक्षा में दे दिया गया।
इस पूरे महा-अभियान में परिवहन कर अधिकारी श्रीमती वरुणा सैनी, मुकेश भारती, भारत भूषण, हरीश कुमार सती और रविन्द्र पाल सैनी सहित विभाग के तमाम अधिकारी व प्रवर्तन टीमें मुस्तैद रहीं।
सुरक्षा से समझौता करने वालों पर होगी जेल और सख्त कार्रवाई: ARTO
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) श्रीमती नेहा झा ने सभी बस संचालकों और ट्रैवल एजेंसियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाहनों का संचालन केवल वैध दस्तावेजों, मूल स्वीकृत संरचना, निर्धारित सीट क्षमता और सुरक्षा मानकों के भीतर ही होना चाहिए। यात्रियों की जान-माल से खिलवाड़ करने, अनधिकृत बदलाव करने या बिना परमिट बस चलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। परिवहन विभाग का यह अभियान आने वाले दिनों में और अधिक कड़ाई से

जारी रहेगा।






