स्कूलों की छुट्टी के समय हरिद्वार पुलिस का विशेष चेकिंग अभियान: छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर पैनी नजर

संवाददाता (गौरव व्यास)
हरिद्वार। जिला पुलिस प्रशासन ने स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले भर में एक व्यापक और सघन चेकिंग अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार के निर्देशों के अनुपालन में, जिले के सभी थाना प्रभारियों और पुलिस टीमों ने दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे तक (स्कूलों की छुट्टी के समय) अपने-अपने क्षेत्रों के प्रमुख विद्यालयों के आसपास सतर्कता बरतते हुए यह विशेष अभियान संचालित किया।
अभियान के प्रमुख बिंदु और पुलिस की कार्रवाई
छात्र-छात्राओं और छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता:
छुट्टी के समय स्कूलों के आसपास भीड़ और वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। पुलिस बलों ने विद्यालय परिसरों और उनके प्रवेश द्वारों पर विशेष तैनाती कर यह सुनिश्चित किया कि छात्राएं बिना किसी असुविधा या भय के सुरक्षित अपने घर पहुंच सकें।
स्कूल वाहनों के सुरक्षा मानकों की जांच:
विद्यार्थियों को लाने और ले जाने में प्रयुक्त होने वाली स्कूल बसों, वैन, ऑटो और अन्य निजी वाहनों की सघन चेकिंग की गई। इस दौरान:
वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों के बैठाए जाने पर अंकुश लगाने हेतु जांच की गई।
फिटनेस प्रमाण पत्र, चालक के लाइसेंस और फर्स्ट-एड बॉक्स जैसे आवश्यक सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया।
चालकों को सुरक्षित गति सीमा और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी दी गई।
असामाजिक एवं संदिग्ध तत्वों पर शिकंजा:
छुट्टी के समय विद्यालयों के आसपास अनावश्यक रूप से घूमने वाले, आवारा मँडराने वाले और मनचलों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया। संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई तथा नियम उल्लंघन करने वालों व शांति व्यवस्था में बाधा डालने वालों पर विधिक कार्रवाई की गई।
सतत निगरानी का संकल्प:
हरिद्वार पुलिस का कहना है कि यह अभियान केवल एक दिन की प्रक्रिया नहीं है। विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन और स्कूलों के आसपास भयमुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए यह चेकिंग अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा।
प्रशासन का संदेश:
हरिद्वार पुलिस ने अभिभावकों, स्कूल प्रबंधनों और वाहन चालकों से भी सहयोग की अपील की है ताकि बच्चों का परिवहन पूरी तरह सुरक्षित रहे और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।






