हरिद्वार को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में बड़ा कदम! 🧹✨ जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में जनपद में 100% डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, 4-स्तरीय अपशिष्ट पृथक्करण (4-Way Segregation) और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए। #Haridwar #CleanIndia #SwachhBharat #SwachhHaridwar #UttarBharatiNews #MayurDixitIAS #DistrictAdministrationHaridwar
उत्तर भारतीय न्यूज
विशेष संवाददाता (गौरव व्यास)
हरिद्वार को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का बड़ा कदम: शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण और 4-स्तरीय अपशिष्ट पृथक्करण लागू करने के सख्त निर्देश
हरिद्वार (09 सितंबर 2026): धर्मनगरी हरिद्वार को स्वच्छता के नए मानकों पर स्थापित करने और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को जिला कार्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी एवं ग्रामीण) के तहत जनपद में संचालित विभिन्न योजनाओं और स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों का गहन मंथन किया गया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सख्त तेवर अपनाते हुए जिले के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और ग्राम पंचायतों को स्वच्छता कार्यों में गति लाने और डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के कड़े निर्देश दिए।
प्रमुख बिंदु एवं समीक्षा के मुख्य अंश
शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण: जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक वार्ड और ग्राम पंचायत में नियमित रूप से कूड़ा उठान होना चाहिए। इसके लिए कूड़ा संग्रहण वाहनों की ट्रैकिंग व मॉनिटरिंग की सतत व्यवस्था बनाई जाए, जिससे कहीं भी सड़ों पर कचरा एकत्र न हो सके।
4-स्तरीय अपशिष्ट पृथक्करण (4-Way Segregation): जनपद में अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए घर-घर स्तर पर कचरे को चार श्रेणियों में अलग-अलग करने पर विशेष जोर दिया गया:
गीला कचरा (Wet Waste)
सूखा कचरा (Dry Waste)
घरेलू जोखिमयुक्त कचरा (Hazardous Waste)
सैनिटरी कचरा (Sanitary Waste)
इसके लिए आम जनता को जागरूक करने हेतु व्यापक स्तर पर आईईसी (IEC) गतिविधियां चलाने के निर्देश दिए गए।
यूजर चार्ज वसूली में आत्मनिर्भरता: स्वच्छता व्यवस्था को वित्तीय रूप से पारदर्शी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिलाधिकारी ने निकायों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 100% यूजर चार्ज संग्रहण सुनिश्चित करने को कहा।
डंप साइटों का समयबद्ध निस्तारण: बैठक में कम्पोस्ट पिटों की कार्यप्रणाली, वेस्ट ट्रांसपॉर्टेशन, प्रोसेसिंग प्लांट्स, सैनिटरी लैंडफिल तथा अवैध कूड़ा डंप साइटों के निस्तारण की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। डीएम ने लिगेसी वेस्ट और अवैध डंप साइटों को समय सीमा के भीतर पूरी तरह साफ करने के आदेश दिए।
जन-जागरूकता और दंडात्मक कार्रवाई: विद्यालयों में स्वच्छता शपथ, स्वच्छता रैलियां, दीवार लेखन और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्वच्छतम पोर्टल पर प्रगति दर्ज करने तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई करने की समीक्षा की गई।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में शासन व प्रशासन के कई उच्चाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
डॉ. ललित नारायण मिश्र (मुख्य विकास अधिकारी)
एम.एम. खान (जिला पंचायत राज अधिकारी)
दीपक गोस्वामी (उप नगर आयुक्त, नगर निगम)
चन्द्र मणि त्रिपाठी (नोडल अधिकारी, स्वजल)
समस्त नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी (EO) एवं खंड विकास अधिकारी (BDO)
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अंत में सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें और हरिद्वार को पूरी तरह स्वच्छ एवं प्लास्टिक-मुक्त बनाने में कोई कसर न छोड़ें।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में जनपद में 100% डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, 4-स्तरीय अपशिष्ट पृथक्करण (4-Way Segregation) और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए।
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