हरिद्वार में अचानक बदले मौसम के बाद आंधी और ओलावृष्टि से फसलों व भवनों को हुए नुकसान का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने, बंद सड़कें खोलने और किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा व राहत पहुंचाने के सख्त निर्देश जारी किए।
आंधी-तूफान एवं ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने दिए नुकसान के तत्काल आकलन और त्वरित राहत के निर्देश
(संवाददाता: गौरव व्यास, उत्तर भारती न्यूज)
हरिद्वार, 09 अक्टूबर 2026: जनपद हरिद्वार में आज सुबह अचानक मौसम के मिजाज में तीखा बदलाव देखने को मिला। तड़के तेज आंधी-तूफान के साथ हुई मूसलाधार बारिश और भारी ओलावृष्टि ने पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। अचानक आए इस प्राकृतिक प्रकोप के कारण जिले के कई क्षेत्रों में भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। आंधी की तीव्रता के कारण विभिन्न स्थानों पर विशालकाय पेड़ धराशायी हो गए, जिससे सड़कें अवरुद्ध हो गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पेड़ और टहनियां गिरने से कई भवनों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
मौसम के इस बदले रुख से हुई क्षति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला प्रशासन को तुरंत अलर्ट मोड पर ला दिया है। स्थिति का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रभावित इलाकों का अविलंब स्थलीय निरीक्षण करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा है कि वे धरातल पर उतरकर नुकसान का वास्तविक और निष्पक्ष आकलन करें। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि आपदा की इस घड़ी में आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए तथा प्रभावित परिवारों को नियमानुसार तत्काल राहत सामग्री व सहायता उपलब्ध कराई जाए।
सड़क मार्गों को सुचारू करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़कों पर गिरे पेड़ों और मलबे को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत हटवाया जाए, ताकि यातायात व्यवस्था को अतिशीघ्र बहाल किया जा सके। इसके अलावा, आंधी-तूफान से क्षतिग्रस्त हुए भवनों तथा अन्य संवेदनशील स्थलों का सुरक्षा की दृष्टि से विस्तृत मुआयना करने और आवश्यकतानुसार तुरंत बचाव व राहत कार्य संचालित करने के आदेश दिए गए हैं।
कृषि क्षेत्र में हुए नुकसान को लेकर जिलाधिकारी ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी संबंधित उप जिलाधिकारियों (SDM) एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में जाकर ओलावृष्टि व तेज हवाओं से तबाह हुई फसलों का व्यापक सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को ताकीद की गई है कि फसलों की क्षति का पारदर्शी आकलन कर जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि पात्र एवं प्रभावित किसानों को शासन के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार समय पर मुआवजा व आर्थिक राहत दी जा सके। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि राहत और नुकसान के आकलन कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।









