रुड़की (संवाददाता गौरव व्यास):

रुड़की शहर की शान मानी जाने वाली प्रसिद्ध ‘सालियर की कावड़’ यात्रा भारी सुरक्षा व्यवस्था और कड़े पुलिस पहरे के बीच पूरे हर्षोल्लास के साथ निकाली गई। ‘बम-बम भोले’ और ‘जय श्री राम’ के जयकारों के बीच हजारों की संख्या में युवाओं ने इस भव्य यात्रा में भाग लिया। कावड़ यात्रा के दौरान पूरे शहर में उत्सवी माहौल देखने को मिला।
केदारनाथ मॉडल और झांकियां बनीं मुख्य आकर्षण
इस वर्ष की सालियर कावड़ यात्रा में युवाओं द्वारा अपने हाथों से बनाया गया केदारनाथ मंदिर का भव्य मॉडल और भगवान हनुमान जी की सजीव झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इनके अलावा कई अन्य भव्य और कलात्मक मॉडल भी यात्रा में शामिल किए गए। इन मनमोहक झांकियों को देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर शहरवासियों का हुजूम उमड़ पड़ा। कावड़ियों के उत्साह के साथ-साथ शहरवासियों में भी इस यात्रा को लेकर खासा जोश दिखाई दिया और जगह-जगह यात्रा का स्वागत किया गया।
प्रतिष्ठा और सम्मान का प्रतीक बनी सालियर की कावड़
उल्लेखनीय है कि कुछ वर्ष पूर्व रामपुर गांव में इस कावड़ यात्रा को निकालने को लेकर मुस्लिम समुदाय के साथ विवाद हो गया था। उस घटना के बाद से ही यह कावड़ यात्रा रुड़की शहर के निवासियों के लिए केवल एक धार्मिक आयोजन न रहकर स्वाभिमान, प्रतिष्ठा और क्षेत्रीय गौरव का प्रतीक बन चुकी है। यही वजह है कि हर साल शहरवासी और स्थानीय युवा इस कावड़ को और अधिक भव्य व ऐतिहासिक बनाने के लिए जी-जान से जुटते हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अतीत के विवाद और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पूरे यात्रा मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और आला अधिकारी लगातार निगरानी बनाए रहे। संगीनों के साए में निकली यह कावड़ यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।






