कुम्भ मेला 2027 की तैयारियों का जायजा लेने हरिद्वार पहुंचे एडीजी डॉ. वी. मुरुगेशन, अधिकारियों संग की समीक्षा बैठक
उत्तर भारती न्यूज
(संवाददाता: गौरव व्यास)
हरिद्वार, 18 सितंबर 2026: धर्मनगरी हरिद्वार में आगामी ‘कुम्भ मेला 2027’ की सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों को समय से पुख्ता करने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड पुलिस महकमा पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में आज उत्तराखण्ड के अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने सीसीआर स्थित सभागार कक्ष में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में कुम्भ मेले की प्रारंभिक तैयारियों, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और भावी कार्ययोजनाओं की बिंदुवार गहन समीक्षा की गई, ताकि विश्व के इस सबसे बड़े धार्मिक आयोजन को सुरक्षित और निर्विघ्न संपन्न कराया जा सके।
समीक्षा बैठक का शुभारंभ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (कुम्भ मेला) द्वारा प्रस्तुत किए गए विस्तृत प्रेजेंटेशन के साथ हुआ, जिसमें अब तक की गई तैयारियों और भावी ब्लूप्रिंट का ब्योरा दिया गया। इसके बाद एडीजी डॉ. मुरुगेशन ने उपस्थित उच्चाधिकारियों के साथ भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, आपातकालीन योजना, संचार व्यवस्था, डिजिटल तकनीकों के प्रयोग और चरणवार सुरक्षा बलों की तैनाती जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग और सीमावर्ती जनपद आपस में बेहतर समन्वय स्थापित कर एक ठोस कार्ययोजना तैयार करें, जिससे हर स्तर पर त्रुटिरहित सुरक्षा और सुगम व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
बैठक के दौरान शीर्ष पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी ने आयोजन की गंभीरता को दर्शाया। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. नीलेश आनंद भरणे, पुलिस महानिरीक्षक (गढ़वाल परिक्षेत्र) श्री राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक (कुम्भ मेला) डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (कुम्भ मेला) श्री आयुष अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक (अभिसूचना) श्री मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक (एटीएस) श्रीमती सरिता डोभाल, पुलिस अधीक्षक (यातायात हरिद्वार) सुश्री निशा यादव और पुलिस अधीक्षक (जीआरपी) सुश्री अरुणा भारती सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों को संबोधित करते हुए एडीजी डॉ. वी. मुरुगेशन ने कहा कि कुम्भ मेला धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से विश्व का सबसे बड़ा आयोजन है। देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगमता उत्तराखण्ड पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कुम्भ मेला क्षेत्र में बनाए जाने वाले विभिन्न जोन, सेक्टर और वहां तैनात किए जाने वाले पुलिस बल के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि सभी निर्माण एवं सुरक्षा संबंधी योजनाओं को अंतिम रूप देकर निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा कर लिया जाए।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक समाप्त होने के उपरांत एडीजी डॉ. मुरुगेशन ने सभी अधीनस्थ अधिकारियों के साथ कुम्भ मेला क्षेत्र का धरातलीय (भौतिक) निरीक्षण किया और जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इसके बाद वह एटीसी पहुंचे, जहां उन्होंने कुंभ मेला प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे जवानों से सीधे रूबरू होकर उनकी तैयारियों को परखा। उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रशिक्षित स्टाफ और जिम्मेदार अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि मेले के दौरान ड्यूटी पर तैनात हर जवान हर प्रकार की चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहे।








