लोकेशन रुड़की….. संवाददाता गौरव व्यास.
मंगलौर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत लंढौरा के समीप नगला इमरती के पास कल हुए एक दर्दनाक ई-रिक्शा हादसे ने पूरे प्रशासनिक अमले को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद परिवहन विभाग पूरी तरह हरकत में आ गया है। ई-रिक्शा चालकों द्वारा क्षमता से अधिक सवारी बैठाने और यातायात नियमों की लगातार अनदेखी करने के मामले को संवाददाता गौरव व्यास द्वारा प्रमुखता से उजागर किया जाता रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर एआरटीओ प्रवर्तन को भी पूर्व में अवगत कराया जा चुका था, जिसके बाद आज विभाग ने सड़कों पर उतरकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसनी शुरू कर दी है।
हादसे के तुरंत बाद परिवहन प्रशासन रुड़की द्वारा क्षेत्र में एक व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। एआरटीओ प्रवर्तन श्री कृष्ण चंद्र पलाडिया के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा की सघन जांच की। इस दौरान ओवरलोडिंग, बिना फिटनेस प्रमाण पत्र, बिना लाइसेंस, बिना पैसेंजर टैक्स और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में संचालित हो रहे ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की गई। अभियान के तहत नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मचा रहा।
प्रशासनिक कार्रवाई के आंकड़ों की बात करें तो आज चले इस चेकिंग अभियान में परिवहन टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। अभियान के दौरान कुल 35 ई-रिक्शा को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया, जबकि 20 अन्य ई-रिक्शा का विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालान काटा गया। एआरटीओ टीम की इस त्वरित और कठोर कार्रवाई से नियम-विरुद्ध संचालन करने वाले चालकों और वाहन स्वामियों में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला।
मामले पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए एआरटीओ प्रवर्तन श्री कृष्ण चंद्र पलाडिया ने बताया कि सड़क सुरक्षा और यात्रियों की जान-माल की रक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यातायात नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि भविष्य में भी कोई चालक ओवरलोडिंग या बिना वैध दस्तावेजों के वाहन चलाता पाया गया, तो उसके खिलाफ और अधिक कठोर कानूनी व चालानी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।








