उत्तर भारती न्यूज़
संवाददाता: गौरव व्यास
हरिद्वार में नाबालिग चालकों पर प्रशासन का सख्त शिकंजा, जगजीतपुर में 20 दोपहिया वाहन सीज
हरिद्वार, 01 अक्टूबर 2026 — धर्मनगरी हरिद्वार में स्कूली छात्रों द्वारा बिना वैध लाइसेंस के फर्राटा भर रहे दोपहिया वाहनों और उससे उपजने वाले हादसों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के कड़े निर्देशों के अनुपालन में गुरुवार को जगजीतपुर क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों और आसपास के इलाकों में एक वृहद चेकिंग अभियान चलाया गया। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के कुशल नेतृत्व में शुरू हुई इस कार्रवाई से बिना लाइसेंस वाहन चलाने वाले नाबालिग छात्रों और नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन स्वामियों में हड़कंप मच गया।
इस विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने केवल सड़कों पर ही कार्रवाई नहीं की, बल्कि क्षेत्र के प्रमुख विद्यालयों में जाकर प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों से सीधा संवाद भी स्थापित किया। वार्ता के दौरान स्कूल प्रशासन ने अधिकारियों को जानकारी दी कि विद्यालय द्वारा पूर्व में ही अभिभावकों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए थे कि वे अपने नाबालिग बच्चों को स्कूटी या मोटरसाइकिल से स्कूल न भेजें। इसके बावजूद कई छात्र नियमों को ताक पर रखकर दोपहिया वाहनों से स्कूल पहुंच रहे थे और कार्रवाई के डर से वाहनों को विद्यालय परिसर के बाहर आसपास की संकरी गलियों में छिपाकर पार्क कर रहे थे।
विद्यालय प्रशासन से मिली इस सटीक इनपुट के बाद परिवहन विभाग की टीम ने आसपास की गलियों में सघन तलाशी ली। चेकिंग के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन कर खड़े किए गए कुल 20 दोपहिया वाहनों (स्कूटी एवं मोटरसाइकिल) को मौके पर ही सीज कर दिया गया। कार्रवाई के तुरंत बाद विभाग द्वारा संबंधित छात्रों के परिजनों को सूचित किया गया। अधिकारियों ने अभिभावकों को सख्त हिदायत दी कि वे बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ न करें और उनके स्कूल आवागमन के लिए बस, ऑटो या अन्य सुरक्षित व वैकल्पिक साधनों का ही प्रयोग सुनिश्चित करें। इस पूरी मुहिम में ARTO (प्रशासन) निखिल शर्मा, यातायात कर अधिकारी वरुणा सैनी तथा यातायात कर अधिकारी भारत भूषण भी दल-बल के साथ मुस्तैद रहे।
परिवहन विभाग ने इस कार्रवाई के जरिए अभिभावकों और आम जनमानस से भावुक व गंभीर अपील जारी की है। अधिकारियों का कहना है कि अपरिपक्व उम्र में बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना न केवल स्वयं बच्चे के जीवन के लिए जानलेवा साबित होता है, बल्कि सड़कों पर चल रहे अन्य राहगीरों के लिए भी भीषण हादसे का कारण बनता है। विभाग ने साफ किया है कि जिला प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है और आने वाले दिनों में जिले के अन्य संवेदनशील एवं शैक्षणिक इलाकों में भी इस तरह का सघन चेकिंग अभियान निरंतर जारी रहेगा।








