📍 हरिद्वार: 15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त होंगी सड़कें जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के कड़े रुख के बाद धरातल पर दिखने लगा असर! NH-334A समेत प्रमुख सड़कों पर दिन-रात चल रहा है डामरीकरण का काम। 🔹 श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुगम होगा सफर 🔹 सड़क दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम 🔹 लापरवाही बरतने पर अधिकारियों को सख्त निर्देश #HaridwarNews #UttarakhandDevelopment #Infrastructure #Roorkee #GauravVias
हरिद्वार में सड़कों को गड्ढामुक्त करने की मुहिम तेज: राष्ट्रीय राजमार्गों पर युद्धस्तर पर जारी डामरीकरण और मरम्मत कार्य
संवाददाता: गौरव व्यास
उत्तर भारतीय न्यूज
हरिद्वार, 03 अक्टूबर 2026:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश भर की सड़कों को 15 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से गड्ढामुक्त करने के कड़े निर्देशों का धरातलीय असर अब धर्मनगरी हरिद्वार में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा जनपद की बदहाल और क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने के लिए दिए गए सख्त आदेशों के बाद संबंधित विभागों ने पूरी ताकत झोंक दी है। जिले के प्रमुख सड़क मार्गों पर दिन-रात पैचवर्क और डामरीकरण की प्रक्रिया चल रही है, जिससे लंबे समय से हिचकोले खाती सड़कों की स्थिति में तेजी से सुधार देखने को मिल रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड रुड़की के अधिशासी अभियंता सुरेश तोमर के अनुसार, जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में राष्ट्रीय राजमार्ग 334 ए (प्रदार्था क्षेत्रांतर्गत) की सड़कों पर विशेष प्राथमिकता के साथ मरम्मत और डामरीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा पहले से चिन्हित किए गए सर्वाधिक क्षतिग्रस्त और गड्ढायुक्त हिस्सों पर युद्धस्तर पर कार्य जारी है। निर्माण और सुधार कार्यों की गुणवत्ता तथा रफ्तार बनाए रखने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी लगातार मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि किसी भी स्तर पर ढिलाई न रहे।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी कार्यदायी संस्थाओं को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि सड़कों के गड्ढामुक्त करने के इस अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तय समयसीमा के भीतर ही सभी चिन्हित सड़कों का सुधारीकरण कार्य पूरा करना अनिवार्य होगा। प्रशासन का मानना है कि सड़कों के गड्ढामुक्त होने से न केवल आम जनपदवासियों का आवागमन सुगम होगा, बल्कि धार्मिक यात्राओं पर हरिद्वार आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी भारी राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त, बेहतर सड़कें होने से यातायात व्यवस्था सुचारू होगी और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका में भी भारी कमी आएगी।
उल्लेखनीय है कि मानसून सीजन के दौरान प्रदेश की कई प्रमुख सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिसे संज्ञान में लेते हुए राज्य सरकार ने 15 अक्टूबर की समयसीमा निर्धारित की है। मुख्यमंत्री के इस संकल्प को पूरा करने के लिए हरिद्वार जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग की टीमें आपसी समन्वय के साथ मुस्तैदी से जुटी हुई हैं। आगामी दिनों में जनपद की अन्य मुख्य सड़कों एवं संपर्क मार्गों पर भी तेजी से डामरीकरण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आमजन और श्रद्धालुओं को सुरक्षित व निर्बाध यातायात की सुविधा मिल सके।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के कड़े रुख के बाद धरातल पर दिखने लगा असर! NH-334A समेत प्रमुख सड़कों पर दिन-रात चल रहा है डामरीकरण का काम।
🔹 श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुगम होगा सफर
🔹 सड़क दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम
🔹 लापरवाही बरतने पर अधिकारियों को सख्त निर्देश
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