
उत्तर भारती न्यूज़
संवाददाता: गौरव व्यास
स्थान: मंगलौर (हरिद्वार)
हरिद्वार पुलिस की तत्परता से सुहैल की डूबी आस जगी: ऑनलाइन फ्रॉड के ₹1.07 लाख रिकवर, परिवार के चेहरे पर लौटी मुस्कान
मंगलौर (हरिद्वार): उत्तराखंड में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच हरिद्वार पुलिस ने त्वरित और सराहनीय कार्रवाई करते हुए एक पीड़ित परिवार के चेहरे पर फिर से खुशियाँ ला दी हैं। कोतवाली मंगलौर क्षेत्र के निवासी सुहैल के साथ ऑनलाइन साइबर ठगी के जरिए 1 लाख 7 हजार रुपये का बड़ा फ्रॉड हो गया था। मेहनत की गाढ़ी कमाई अचानक खाते से गायब होने के बाद पीड़ित और उसका परिवार पूरी तरह निराश और असहाय हो चुका था। हालांकि, पुलिस प्रशासन से न्याय की उम्मीद लेकर सुहैल ने तुरंत कोतवाली मंगलौर पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए मंगलौर पुलिस ने बिना कोई समय गंवाए तत्काल एक्शन लिया। पुलिस द्वारा शिकायत के आधार पर कोतवाली मंगलौर में मुकदमा अपराध संख्या (मु0अ0सं0) 396/2026 पंजीकृत किया गया। मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस टीम ने साइबर फ्रॉड की जांच के लिए डिजिटल टूल्स और विभिन्न राष्ट्रीय साइबर पोर्टलों का उपयोग शुरू कर दिया।
मंगलौर पुलिस की विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए संदिग्ध बैंक खातों की कड़ियों को खंगालना शुरू किया। पुलिस अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित वित्तीय संस्थानों, बैंकों और नोडल अधिकारियों से सीधा तालमेल बिठाया। साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किए गए खातों को समय रहते फ्रीज कराया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। पुलिस की इस सटीक रणनीति और निरंतर प्रयास के चलते पीड़ित सुहैल के पूरे 1 लाख 7 हजार रुपये सुरक्षित वापस दिला दिए गए।
डूबी हुई रकम वापस पाकर पीड़ित सुहैल और उनके परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। पीड़ित परिवार ने हरिद्वार उत्तराखंड पुलिस और मंगलौर कोतवाली टीम की कार्यप्रणाली, तत्परता और सहयोगात्मक रवैये की भूरि-भूरि प्रशंसा की। सुहैल ने पुलिस महकमे का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि हरिद्वार पुलिस की मुस्तैदी के कारण ही उनका पैसा वापस मिल सका है। इस सफल कार्रवाई से क्षेत्र की जनता में पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।







