धर्मनगरी हरिद्वार के सौंदर्य को प्रभावित कर रहे सड़कों और स्ट्रीट पोलों पर फैले अनियोजित केबल-तारों पर नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। सहायक नगर आयुक्त ने सभी इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और डिश केबल प्रदाताओं को 7 दिनों के भीतर अवैध तार हटाने के निर्देश दिए हैं। समयावधि पूरी होने पर नगर निगम स्वयं कार्रवाई कर केबल काटेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनियों की होगी। #Haridwar #HaridwarNews #MunicipalCorporation #Uttarakhand #CityCleanliness #BreakingNews #UttarBharatiNews
उत्तर भारतीय न्यूज
संवाददाता: गौरव व्यास
स्थान: हरिद्वार
हरिद्वार नगर निगम का कड़ा रुख: स्ट्रीट पोलों से 7 दिनों में हटाएं अवैध और अनियोजित केबल
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के सौंदर्य को बिगाड़ रहे और सुरक्षा के लिहाज से खतरा बन रहे सड़कों पर लटकते केबल-तारों पर नगर निगम ने अब सख्ती अख्तियार कर ली है। नगर निगम हरिद्वार क्षेत्र में विभिन्न निजी इंटरनेट, टेलीकॉम, ब्रॉडबैंड और डिश टीवी सेवा प्रदाताओं द्वारा स्ट्रीट पोलों पर बिना अनुमति के बिछाए गए अनियोजित और अनियंत्रित तारों को हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं। सहायक नगर आयुक्त की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, संबंधित कंपनियों और फर्मों को इन तारों को हटाने के लिए सात दिनों की अंतिम मोहलत दी गई है।
नगर निगम प्रशासन के संज्ञान में आया है कि शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और आवासीय इलाकों में बिजली व स्ट्रीट लाइट के खंभों का उपयोग निजी कंपनियों द्वारा धड़ल्ले से किया जा रहा है। इन कंपनियों ने नगर निगम से कोई पूर्व अनुमति लिए बिना ही पोलों पर मकड़जाल की तरह अनियंत्रित केबल बांध दिए हैं। इससे न केवल पवित्र धार्मिक नगरी हरिद्वार की सुंदरता और स्वरूप बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, बल्कि हवा-आंधी के दौरान इन तारों के लटकने से किसी बड़े हादसे की आशंका भी लगातार बनी रहती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक नगर आयुक्त ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि डिश, केबल, मोबाइल नेटवर्क एवं ब्रॉडबैंड सेवाएं प्रदान करने वाले सभी संचालक सूचना जारी होने के 7 दिनों के भीतर अपने-अपने केबल स्वयं हटा लें। तय सीमा के भीतर कार्रवाई न किए जाने पर नगर निगम अपनी टीमों को मैदान में उतारकर खुद इन अनधिकृत केबलों को काटने और जब्त करने की कार्रवाई शुरू करेगा।
निगम अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि नगर निगम द्वारा चलाए जाने वाले इस विशेष सफाई/हटाओ अभियान के दौरान यदि किसी भी कंपनी के नेटवर्क या सेवाओं में कोई रुकावट आती है या उन्हें आर्थिक नुकसान होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित फर्म या कंपनी संचालक की ही होगी। नगर निगम प्रशासन ने सभी सेवा प्रदाताओं को चेतावनी दी है कि वे निर्धारित समय-सीमा का पालन करते हुए शहर के सौंदर्य और जन-सुरक्षा में सहयोग प्रदान करें।

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