(संवादाता: गौरव व्यास, उत्तर भारती न्यूज़)
उत्तराखंड के नए राज्यपाल बने डॉ. ढाल सिंह बिसेन: राजनीतिक व प्रशासनिक अनुभव के साथ संभालेंगे राजभवन
देहरादून/नई दिल्ली:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को देवभूमि उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया है। वह इस पद पर लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल पूरा होने के बाद डॉ. बिसेन को यह महत्वपूर्ण संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मध्य प्रदेश के सिवनी और बालाघाट क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले डॉ. ढाल सिंह बिसेन का लंबा और प्रतिष्ठित राजनीतिक सफर रहा है। वह अपने राजनीतिक जीवन के दौरान चार बार मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य (विधायक) रह चुके हैं और राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा, वह वर्ष 2019 में मध्य प्रदेश की बालाघाट लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर भारी मतों से जीतकर संसद पहुंचे थे।
जमीनी स्तर से जुड़े एक अनुभवी राजनेता होने के साथ-साथ डॉ. बिसेन का प्रशासनिक मामलों और जनसेवा का भी गहरा अनुभव रहा है। सांगठनिक और विधायी कार्यों में उनकी गहरी पकड़ को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व और महामहिम राष्ट्रपति द्वारा उन्हें उत्तराखंड जैसे संवेदनशील और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण पर्वतीय राज्य के राजभवन की कमान सौंपी गई है।
उनकी इस नियुक्ति पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई गणमान्य नेताओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा है कि डॉ. बिसेन के व्यापक राजनीतिक व प्रशासनिक अनुभवों का लाभ देवभूमि उत्तराखंड के विकास और संवैधानिक प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने में मिलेगा।
राजभवन के सूत्रों के अनुसार, डॉ. ढाल सिंह बिसेन जल्द ही देहरादून पहुंचकर आधिकारिक रूप से उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में अपने पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण करेंगे। उनके कार्यभार संभालने के साथ ही राज्य में एक नए प्रशासनिक और राजनैतिक अध्याय की शुरुआत होगी।








