कागजों में अभियान, ज़मीन पर बदहाली! 🚨 हरिद्वार में चल रहे 'स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2026' के बीच रुड़की के वार्ड 21 (न्यू नेहरू नगर) में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त। जगह-जगह कूड़े के ढेर और बिना वैक्सीनेशन वाले खूंखार कुत्तों के आतंक से सहमे लोग। शिकायतों के बाद भी प्रशासन मौन! 📌 संवाददाता: गौरव व्यास (उत्तर भारतीय न्यूज) #RoorkeeNews #SwachhataHiSeva #HaridwarDM #UttarakhandNews #CivicIssues
स्वच्छता सेवा पखवाड़ा 2026 अभियान की धज्जियां उड़ता नगर निगम रुड़की का वार्ड नंबर 21
रुड़की (संवाददाता गौरव व्यास, उत्तर भारतीय न्यूज):

हरिद्वार में चल रहे ‘स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2026’ के बीच रुड़की के वार्ड 21 (न्यू नेहरू नगर) में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त। जगह-जगह कूड़े के ढेर और बिना वैक्सीनेशन वाले खूंखार कुत्तों के आतंक से सहमे लोग। शिकायतों के बाद भी प्रशासन मौन!
📌 संवाददाता: गौरव व्यास (उत्तर भारतीय न्यूज)
#RoorkeeNews #SwachhataHiSeva #HaridwarDM #UttarakhandNews #CivicIssues

हरिद्वार जिले में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के आवाहन पर 17 सितंबर 2026 से 2 अक्टूबर 2026 तक “स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2026” का महा अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हरिद्वार को एक स्वच्छ और विकसित जिला बनाना है, जिसके तहत तमाम सरकारी दावों को आधिकारिक ‘स्वच्छता ही सेवा’ पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। हालांकि, नगर निगम रुड़की के वार्ड नंबर 21 स्थित न्यू नेहरू नगर मोहल्ले में जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल उलट नजर आ रही है। कागजों और बयानों में चमकता यह अभियान स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक उपेक्षा और बदहाली का शिकार होकर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है।
न्यू नेहरू नगर की सड़कों और गलियों में जगह-जगह बिखरा कचरा, चरमराई सफाई व्यवस्था और स्वास्थ्य विभाग की बेरुखी ‘घर-घर स्वच्छता, घर-घर कूड़ा गाड़ी’ जैसे खोखले स्लोगन की पोल खोल रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर निगम की कूड़ा गाड़ियां नियमित रूप से क्षेत्र में नहीं पहुंचती हैं, जिसके कारण जगह-जगह कूड़े के ढेर लग चुके हैं। स्वच्छता पखवाड़े के दौरान जहां पूरे जिले में विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं इस वार्ड में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है और क्षेत्रवासी भारी दुर्गंध व बीमारियों के खतरे के बीच जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
सफाई व्यवस्था के अलावा मोहल्लेवासी आवारा और खूंखार कुत्तों के बढ़ते आतंक से गंभीर रूप से जूझ रहे हैं। न्यू नेहरू नगर के एक घर में एक व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से लगभग 10 आवारा कुत्ते पाले जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इन कुत्तों का न तो नगर निगम से कोई लाइसेंस लिया गया है, ना ही उनका बंध्याकरण (नसबंदी) कराया गया है और ना ही उन्हें एंटी-रेबीज के टीके लगवाए गए हैं। ये हिंसक कुत्ते आए दिन राहगीरों और बच्चों पर हमला करने के लिए दौड़ते हैं, जिससे क्षेत्र में हर समय किसी अनहोनी का डर और खौफनाक माहौल बना रहता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस गंभीर समस्या और बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर कई बार स्थानीय पार्षद और नगर निगम के सफाई नायक से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही हाथ लगा है। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई निस्तारण नहीं किया गया है। अधिकारियों की इस घोर अनदेखी के चलते स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या इसी जमीनी दुर्दशा को आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड कर ‘विकसित हरिद्वार’ का दावा किया जाएगा?







